क्यों रोक रही माँ तू मुझको..

क्यों  रोक रही माँ तू मुझको
इस धरती पर आने से
मुझको  भी जीने का हक दो माँ
आने दो एक बार धरती पे

वादा करती हूँ माँ तुझसे
तंग करूंगी कभी न तुझको
मदद करूंगी चूल्हे -चौके में
हर बात तेरी  मै मानूँगी

रोयेगा जब छोटा भईया
लोरी गा उसे सुलाऊँगी
खाऊँगी मै सूखी -रोटी
ढूध -भात उसे खिलाऊँगी

सेवा करूंगी दिन-रात तेरी मै
बापू की लाठी बन जाऊंगी
ताज बनूंगी तेरे माथे का
भईया के संग-संग कदम मिलाऊँगी

जब तू ही मुझे ठुकराएगी माँ
तब कौन भला मुझे अपनायेगा
जन्म न होगा जब बेटी का माँ
क्या श्रष्टि  रचना तब न थम जायेगी ?