काश मै भी...

उन्होंने उसे प्यार से
चूमा सहलाया
और
गोद मे बैठा
ढूध-ब्रेड का
ब्रेकफास्ट करवाया

दो दिन से भूखा छोटू
ढूध-ब्रेड देख ललचाया
भूख से कुलबुलाती
आँतों ने
सोई हुई भूख का
अहसास
तेजी से जगाया

आहत मन
ईर्ष्यालु निगाहों से
छोटू ने उसे देख सोचा
काश मै भी ऐसा ही
भाग्य का धनी होता
शैम्पू से नहाता
ए.सी.में रहता
गोद में बैठ
कार में घूमा करता

तब यूं  छोटू बन
पत्थर जैसी सूखी बासी
रोटी के चंद टुकड़ों को भी
तरसकर
भूखे पेट सिर्फ पानी पीकर
यूं न सोना पड़ता
काश
मै भी मालकिन का कुत्ता
टफी होता
काश मै भी मालकिन का कुत्ता
टफी होता
काश ...